
रांची: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी की रांची जिला समिति और रांची महानगर समिति के संयुक्त तत्वावधान में 30 सितंबर 2026 को रांची स्थित लोक भवन के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग उठाई जाएगी।
झामुमो की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पार्टी का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए कई फैसलों पर आयोग के अन्य दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित और औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि अन्य चुनाव आयुक्तों की चिंताओं को नजरअंदाज करते हुए बिना उनकी सहमति और जानकारी के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में करोड़ों पात्र मतदाताओं के नाम हटाने और नियमों में एकतरफा बदलाव करने जैसे फैसले लिए गए हैं। झामुमो ने इसे असंवैधानिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया है।
30 सितंबर को लोक भवन के समक्ष होगा प्रदर्शन
झामुमो द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, बुधवार, 30 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे रांची स्थित लोक भवन के समक्ष प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी।
कार्यक्रम में रांची के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ पार्टी के सांसद, विधायक, विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर झामुमो ने उठाए सवाल
झामुमो ने अपने बयान में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्र चुनाव व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे।
यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पार्टी के विरोध और उनकी बर्खास्तगी की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है।