
रांची: राजधानी रांची स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में पुलिस जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच के अनुसार मुख्य आरोपी अमन अंसारी वर्ष 2022 में लोहरदगा से मुंबई गया था, जहां वह एसी बनाने का काम सीखने और नौकरी करने पहुंचा था। इसी दौरान उसका संपर्क कुछ संदिग्ध लोगों से हुआ और बाद में कंपनी के एक मैनेजर के माध्यम से वह आतंकी संगठन से जुड़े लोगों के संपर्क में आया।

पुलिस के मुताबिक अमन वर्ष 2024 में दुबई और फिर 2025 में अबूधाबी गया था। विदेश में काम करने के दौरान भी उसका संपर्क सक्रिय रहा। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी नेटवर्क के जरिए उसे रांची में आरएसएस कार्यालय को निशाना बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि 16 जून की रात आरोपियों ने कांटाटोली क्षेत्र के एक होटल में कमरा लेकर पेट्रोल बम तैयार किया था। पेट्रोल बम बनाने में करीब 160 रुपये खर्च हुए थे। इसके लिए खाली बोतलें, पेट्रोल और अन्य सामान रोड और कांटाटोली इलाके से खरीदे गए थे।

सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
