कॉनस्टेंट लीवेन्स हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ने मनाया 10 वर्षों की सफल सेवाओं का जश्न ।

Spread the love

कॉनस्टेंट लीवेन्स हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, माण्डर ने अपनी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के 10 गौरवपूर्ण वर्षों का उत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया। पिछले एक दशक में अस्पताल ने झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में गरीबों एवं ज़रूरतमंदों को किफायती, गुणवत्तापूर्ण और करुणामयी चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर विश्वसनीय पहचान बनाई है।

समारोह की शुरुआत अस्पताल के निदेशक फादर पी. जॉर्ज पेक्कडेनकुझी (MSFS) के स्वागत भाषण से हुई। कार्यक्रम के दौरान नव-निर्मित ओपीडी ब्लॉक और डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन मार एंड्रू ताज़हात (आर्चबिशप, त्रिशूर एवं CBCI अध्यक्ष), आर्चबिशप जॉन रोड्रिग्स (मुंबई) और आर्चबिशप जॉन मूलाचिरा (गुवाहाटी) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

पवित्र यूखरिस्त का मुख्य अनुष्ठान आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर (रायपुर) ने संपन्न कराया। इस अवसर पर कई प्रमुख आर्चबिशप, बिशप, पुरोहितगण, चिकित्सक, नर्सें, कर्मचारी और स्थानीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अपने संदेश में आर्चबिशप जॉन मूलाचिरा ने अस्पताल की साधारण शुरुआत से उन्नत स्वास्थ्य एवं शोध केंद्र बनने की यात्रा को प्रेरणादायक बताया। अस्पताल ने पिछले वर्षों में कई विभागों का विस्तार किया, आधुनिक जांच सुविधाओं की शुरुआत की और वंचितों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित कीं।

मुख्य अतिथि मार एंड्रू ताज़हात ने अस्पताल की प्रगति को दिवंगत कार्डिनल टेल्सफोर पी. टोप्पो के सपनों का साकार रूप बताया और विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में यह संस्था एक पूर्ण मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित होगी।

बिशप आनंद जोजो (हजारीबाग) ने अस्पताल की उन्नति में सभी के योगदान की सराहना की और फादर कॉनस्टेंट लीवेन्स के संदेश “Fire must burn – आग जलती रहनी चाहिए” को मार्गदर्शक बताया।

राज्य की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि कॉनस्टेंट लीवेन्स हॉस्पिटल छोटानागपुर क्षेत्र की एक बड़ी आवश्यकता को पूरा कर रहा है और भविष्य में यह एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज के रूप में उभरेगा।

कार्यक्रम का समापन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, अस्पताल के इतिहास की प्रदर्शनी और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

Leave a Reply