JSLPS कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग, महासंघ ने CEO अनन्य मित्तल से की मुलाकात

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रांची : झारखंड में JSLPS के ऑफिस बॉय, ऑफिस अटेंडेंट, हाउस कीपर और डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग के कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग तेज हो गई है। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल (IAS) से मुलाकात कर विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। महासंघ के अनुसार, वार्ता के दौरान मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

10 वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों के मानदेय पर उठाए सवाल

महासंघ ने आरोप लगाया कि JSLPS में वर्षों से कार्यरत ऑफिस बॉय, ऑफिस अटेंडेंट और हाउस कीपर संवर्ग के 232 कर्मचारियों को प्रतिदिन मात्र 450 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। यह भुगतान केवल कार्यदिवसों के लिए किया जाता है। महासंघ का कहना है कि इन कर्मचारियों को नियमित अवकाश और महिला कर्मचारियों को विशेष अवकाश जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।

महासंघ ने JSLPS के पत्रांक JSLPS/1837, दिनांक 11 दिसंबर 2025 का हवाला देते हुए बताया कि इसी संवर्ग के आठ कर्मचारियों को प्रतिमाह 18,000 रुपये से 28,313 रुपये तक मानदेय दिया जा रहा है, जबकि अन्य कर्मचारियों को दैनिक मानदेय पर काम करना पड़ रहा है। महासंघ ने इसे वेतन में असमानता बताते हुए समान काम के लिए समान वेतन के सिद्धांत के अनुरूप कार्रवाई की मांग की है।

इसके साथ ही, लंबे समय से कार्यरत ऑफिस बॉय, ऑफिस अटेंडेंट और हाउस कीपर संवर्ग को मानव संसाधन नियमावली के लेवल एल-8 के अंतर्गत FTE (फुल-टाइम एम्प्लॉयमेंट) व्यवस्था में शामिल करने की मांग भी उठाई गई।

डाटा एंट्री ऑपरेटरों का मानदेय 40,900 रुपये करने की मांग

महासंघ ने JSLPS में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग के मानदेय में भी बढ़ोतरी की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, वर्तमान में कुछ डाटा एंट्री ऑपरेटरों को सितंबर 2025 से 37,712 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जबकि अन्य कर्मचारियों को केवल 23,340 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं।

महासंघ ने झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों को दिए जा रहे 40,900 रुपये प्रतिमाह मानदेय का हवाला देते हुए JSLPS के डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए भी समान मानदेय लागू करने की मांग की।

महासंघ ने यह भी मांग की कि डाटा एंट्री ऑपरेटर संवर्ग को मानव संसाधन नियमावली के लेवल एल-7 के अंतर्गत FTE व्यवस्था में शामिल किया जाए तथा कर्मचारियों का स्थायी समायोजन किया जाए।

बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम में स्थानांतरण का मामला भी उठा

बैठक में बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में डाटा एंट्री ऑपरेटरों के स्थानांतरण का मुद्दा भी उठाया गया। महासंघ ने आरोप लगाया कि संबंधित जिला कार्यक्रम प्रबंधकों (DPM) द्वारा सितंबर और अक्टूबर में स्थानांतरण किए गए, जबकि मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग की अधिसूचना संख्या CS/O1-02 आर/2017, दिनांक 8 दिसंबर 2017 का हवाला देते हुए महासंघ ने कहा कि स्थानांतरण निर्धारित अवधि के अनुसार जून-जुलाई में ही किया जाना चाहिए।

महासंघ ने संबंधित स्थानांतरण आदेशों को रद्द करने का अनुरोध किया है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग या अधिकारियों का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

मुख्यमंत्री से कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई की अपील

महासंघ के अनुसार, कर्मचारियों की मांगों के संबंध में इससे पहले भी मुख्यमंत्री सचिवालय और ग्रामीण विकास विभाग को कई पत्र भेजे गए थे। इनमें तत्कालीन मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वंदना दादेल (IAS), मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव सुनील कुमार श्रीवास्तव और मुख्यमंत्री सचिवालय के अवर सचिव के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किए जाने की बात कही गई है।

महासंघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है कि JSLPS में कार्यरत सभी संवर्गों के कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की जाए और किसी भी संवर्ग को वेतन वृद्धि से वंचित नहीं रखा जाए। साथ ही, संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित मानव संसाधन नियमावली के अंतर्गत शामिल करने तथा उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई है।

महासंघ ने मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल द्वारा सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर उनका आभार व्यक्त किया।

प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे शामिल

मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के साथ हुई वार्ता में झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह सहित संघ के पदाधिकारी रिंकू कुमार, राहुल कुमार, अमित कुमार हेम्ब्रम, जन्मजय लोहार और चंद्रदेव ओहदार शामिल थे।

महासंघ ने उम्मीद जताई है कि कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। अब कर्मचारियों की नजरें विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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