रिनपास और TISS का 4 दिवसीय “क्वीयर ट्रांस-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य देखभाल” प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न

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रांची, 01 अगस्त 2026: रिनपास, कांके, रांची के मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्य विभाग एवं टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (TISS), मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय “क्वीयर ट्रांस-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य देखभाल” प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को जे. ई. धुंजीभॉय अकादमिक एवं अनुसंधान केंद्र, रिनपास में सफलतापूर्वक समापन हुआ।


प्रशिक्षण के अंतिम दिन मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों को क्वीयर एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए वैज्ञानिक, संवेदनशील और अधिकार-आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न चिकित्सीय दृष्टिकोणों से अवगत कराया गया।
पहले तकनीकी सत्र में सुश्री जागृति वांद्रेकर ने क्वीयर अफर्मेटिव कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (CBT) पर व्याख्यान देते हुए बताया कि क्वीयर एवं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की आवश्यकताओं के अनुरूप CBT को कैसे अनुकूलित किया जा सकता है। वहीं दूसरे सत्र में सुश्री श्राबस्ती मजूमदार ने क्वीयर अफर्मेटिव नैरेटिव थेरेपी की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की।


दोपहर के सत्र में सुश्री कविता अरोड़ा ने बच्चों में जेंडर नॉन-कन्फॉर्मिटी विषय पर व्याख्यान देते हुए परिवार, विद्यालय और समाज की सहयोगात्मक भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के समग्र विकास के लिए सम्मान, सामाजिक स्वीकृति और उचित परामर्श बेहद आवश्यक हैं।


समापन सत्र में टीआईएसएस की शोध समन्वयक सुश्री निकिता एवं श्री ज़ेब ने प्रतिभागियों का पोस्ट असेसमेंट कराया, जिसमें प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।

इस चार दिवसीय प्रशिक्षण में मनोचिकित्सकों, क्लिनिकल मनोवैज्ञानिकों, मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्यकर्ताओं, नर्सिंग अधिकारियों, शोधार्थियों तथा विभिन्न संस्थानों के मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की।
समापन अवसर पर रिनपास की निदेशक डॉ. जयति सिमलाई ने सभी संसाधन व्यक्तियों, प्रशिक्षकों एवं आयोजन टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण अत्यंत ज्ञानवर्धक और विचारोत्तेजक रहा। उन्होंने भविष्य में भी TISS, मुंबई तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर ऐसे प्रशिक्षण, अनुसंधान और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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