
रांची | झारखंड में हाल ही में सीडीपीओ पदों पर हुई नियुक्तियों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष श्री सुशील उरांव ने इन नियुक्तियों में बाहरी अभ्यर्थियों को शामिल किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है।
उन्होंने बताया कि कुल 62 नियुक्तियों में से 19 अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश और बिहार से हैं, जो राज्य के स्थानीय युवाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि अगर इसी तरह बाहरी उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाती रही, तो झारखंड के युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।
श्री उरांव ने राज्य सरकार से मांग की है कि खतियान आधारित स्थानीय नीति को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि झारखंड के युवाओं को उनके ही राज्य में रोजगार के उचित अवसर मिल सकें।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग रखी कि जिन 19 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं, उनकी नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आदिवासी छात्र संघ पूरे झारखंड में आंदोलन तेज करेगा और सड़क से सदन तक अपनी आवाज बुलंद करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
