
विश्व योग दिवस के अवसर पर आज योग शिक्षिका सुश्री रफियां नाज़ जी के आवास पर जाकर उन्हें सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

रफियां नाज़ जी योग के क्षेत्र में अत्यंत अनुभवी हैं। उनसे पहली बार मिलकर उनके कार्यों और अनुभवों को जानने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने मुझे भी योग और प्राणायाम से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने सकारात्मक सोच, मानसिक शांति, तनाव मुक्ति एवं स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग और प्राणायाम के कुछ विशेष अभ्यास सिखाए, जो मेरे लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक रहे।

जिस समर्पण के साथ वे बच्चों, छात्राओं, माताओं एवं बहनों को योग के प्रति जागरूक कर रही हैं, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। समाज में स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश फैलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण है।

हमारे धर्म में भी अनुशासन, आत्मसंयम और स्वस्थ जीवन को विशेष महत्व दिया गया है। योग भी हमें शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का मार्ग दिखाता है। ऐसे सकारात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए मैं हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग भी योग को बढ़ावा देने के लिए उनके अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ लेगा।

आज उनके पूरे परिवार से मिलकर अत्यंत खुशी हुई। परिवारजनों ने जिस आत्मीयता, सम्मान और स्नेह के साथ मेरा स्वागत किया, उसके लिए मैं उनका हृदय से आभारी हूँ।

योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन का आधार है। आइए, योग को अपनाएं और निरोग जीवन की ओर बढ़ें।
