
रांची, 18 सितंबर 2026: राजधानी रांची के लालपुर स्थित Raindew Hotel में Bangalore Technological Institute (BTI), बेंगलूरु द्वारा एक भव्य टीचर्स मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में रांची के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक एवं फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के साथ शैक्षणिक संवाद स्थापित करना तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों की जानकारी साझा करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के Chairman डॉ. ए. प्रभाकर रेड्डी, Trustee डॉ. मंजुला एन, Principal डॉ. एच. एस. नंदा, Admission Officer डॉ. रंजना झा, Globuss Education Foundation के डायरेक्टर गौरव राजपूत, कुमार विजय राज एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
अपने संबोधन में Chairman डॉ. ए. प्रभाकर रेड्डी ने कहा कि संस्थान में छात्रों को केवल अकादमिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, नवाचार की सोच और सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में तकनीकी दक्षता और रचनात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है, और BTI अपने छात्रों को इसी दिशा में तैयार कर रहा है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संस्थान में भारत के साथ-साथ नेपाल सहित कई देशों के छात्र अध्ययनरत हैं, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हुई है।
Principal डॉ. एच. एस. नंदा ने कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और आधुनिक सुविधाओं पर प्रकाश डाला। वहीं Trustee डॉ. मंजुला एन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना भी है।
Admission Officer डॉ. रंजना झा ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक ही छात्रों के भविष्य के वास्तविक मार्गदर्शक होते हैं और उनकी प्रेरणा जीवनभर छात्रों का मार्ग प्रशस्त करती है।
कार्यक्रम में छात्रों के समग्र विकास पर भी विशेष चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि संस्थान में खेलकूद, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
संस्थान का प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी सराहनीय बताया गया, जहां कई छात्र प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनियों में कार्यरत हैं, जो BTI की उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था को दर्शाता है।
अंत में संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित शिक्षकों ने अपने सुझाव और विचार साझा किए। यह कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
