
रांची: झारखंड में विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हजारों होमगार्ड जवान लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कई जवानों को पिछले 16 महीनों से भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनके परिवारों के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।
जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग, बीसीसीएल, सीसीएल, वन विभाग समेत कई विभागों में तैनात होमगार्ड जवानों का मानदेय लंबे समय से लंबित है। वहीं, विशेष ड्यूटी करने वाले हजारों जवानों को भी अब तक भुगतान नहीं मिल पाया है।
आर्थिक संकट के कारण कई जवानों को उधार लेकर परिवार चलाना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, एक होमगार्ड जवान ने मानदेय नहीं मिलने से परेशान होकर आत्महत्या की चेतावनी तक दे दी, जिसके बाद मामला गंभीर हो गया।

झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से जल्द बकाया भुगतान करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सरकारी कार्यों में लगातार ड्यूटी करने के बावजूद समय पर मानदेय नहीं मिलना जवानों के साथ अन्याय है। यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने प्रमुख मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए 65.21 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे स्वास्थ्य विभाग में तैनात होमगार्ड जवानों के लंबित मानदेय का भुगतान जल्द किया जाएगा। हालांकि अन्य विभागों के बकाया भुगतान को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।