
विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मुकाबले में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। मैच का इकलौता और निर्णायक गोल स्टार खिलाड़ी फेरान टोरेस ने किया, जो स्पेन की जीत के सबसे बड़े हीरो साबित हुए।

स्पेन ने पूरे मुकाबले में अनुशासित और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। अर्जेंटीना ने बराबरी करने की पूरी कोशिश की, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षा पंक्ति के सामने उसकी एक न चली।

अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी इस फाइनल में अपना जादू नहीं दिखा सके। पूरे मैच में स्पेन के डिफेंडरों ने मेसी को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया, जिसके कारण अर्जेंटीना गोल करने में असफल रही।

स्पेन ने इससे पहले साल 2010 में पहली बार फीफा वर्ल्ड कप जीता था। अब इस जीत के साथ उसने दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है।

वहीं अर्जेंटीना की टीम चौथी बार विश्व कप जीतने का सपना पूरा नहीं कर सकी। अगर अर्जेंटीना यह मुकाबला जीत जाती, तो वह इटली (1934, 1938) और ब्राजील (1958, 1962) के बाद लगातार दो फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली तीसरी टीम बन जाती।

इस जीत के साथ स्पेन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह विश्व फुटबॉल की सबसे मजबूत टीमों में शामिल है।



